Monday, January 16, 2012


लोकपाल विधेयक का जानबूझकर ये हश्र हुआ
उमेश चतुर्वेदी
लोकपाल बिल को लेकर जो अंदेशा जताई जा रही थी...आखिर वही हुआ। विवादास्पद विधेयकों को फाड़ने और इस बहाने लोकतंत्र को लटकाने का जरिया बनते रहे राष्ट्रीय जनता दल और समाजवादी पार्टी के सांसदों पर इस बार भी महिला आरक्षण दोहराने की उम्मीद जताई जा रही थी। लेकिन ऐसा कम से कम लोकसभा में नहीं हुआ। हालांकि दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में ये उम्मीद जताई जा रही थी कि लोकपाल को लटकाने के लिए राजनीतिक पार्टियां ऐसे कदम उठा सकती हैं। लेकिन इस बार मुलायम सिंह ने अपने सिर महिला आरक्षण की तरह की बदनामी नहीं ली।