
उमेश चतुर्वेदी
1989 के आम चुनावों के नतीजे आने शुरू हो गए थे। कांग्रेस विरोधी लहर की अगुआई कर रहे वीपी सिंह के अपने गृह इलाके इलाहाबाद से जिस सज्जन को जनता दल ने मैदान में उतारा था, शुरूआती दौर में तब की कांग्रेसी उम्मीदवार से वह पिछड़ रहा था। इलाहाबाद संसदीय सीट के विपक्षी जनता दल का उम्मीदवार न जीत पाए, यह जितनी हैरत की बात जनता दल के लिए थी, उतना ही आश्चर्य मीडिया को भी था। तब बीबीसी के विजय राणा ने लंदन से फोन करके उस विपक्षी दल के नेता से पिछड़ने को लेकर प्रतिक्रिया मांगी, जिसको उत्तर भारत में जीत की पूरी उम्मीद थी।